मुजफ्फरनगर के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी, कोर्ट ने कहा- अपराधियों में डर होना जरूरी
Rajendra Saini Murder Case
Rajendra Saini murder case: मुजफ्फरनगर के वर्ष 2018 के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में आठ साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-03) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दोषी गजेंद्र उर्फ गीलू और रामकिरण उर्फ सावन को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, राजेंद्र सैनी की हत्या वर्ष 2018 में अवैध संबंधों के शक में की गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जलाकर उसकी पहचान मिटाने और साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
राजेंद्र सैनी हत्याकांड के दो दोषियों को फांसी की सजा
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष रखा। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) का मानते हुए मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि अपराध करते समय व्यक्ति के मन में कानून का भय होना चाहिए। समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति कड़ा संदेश जाना आवश्यक है।
8 साल बाद कोर्ट का फैसला
अदालत का फैसला आने के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। यह मामला जिले के चर्चित हत्याकांडों में शामिल रहा है और पिछले आठ वर्षों से इस पर लोगों की नजर बनी हुई थी। अदालत के फैसले के बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।